Friday, 21 December 2012

शैतान हँस रहा है


लड़की चीख़ी
चिल्लायी भी
मगर हैवानों के कान बंद पड़े थे
नहीं सुन पाये
उसकी आवाज़ का दर्द

वह रोयी बहुत
आँखों से उसके
झर-झर आँसू गिरे
ख़ून के आँसू  
मगर हैवानों की आँखें
पत्थर की थी
वो आँसुओं का दर्द
नहीं देख पाये

वो हिचकियाँ लेकर
सिसकती रही
दुहाई देती रही  
कभी इंसानी रिश्तों की
कभी ईश्वर की
मगर हैवानों के दिल नहीं थे
वो दर्द महसूस न कर सके
वो घंटों लड़ती रही हैवानों से
अब मौत से लड़ रही है

दूर खड़ा शैतान हँस रहा है
मुस्कुरा रहा है
एक बार फिर
वो अपने मक़सद पर कामयाब रहा  
इंसानियत को तार तार कर गया
इंसानों का इंसानों पर से
विश्वास हिला गया
सभ्य समाज को आईना दिखा गया  

Sunday, 16 December 2012

आओ वालमार्ट

आओ वालमार्ट 
स्वागत है आपका
अपनी कमज़ोर हो चुकी
अर्थव्यवस्था को
मज़बूत करने
आओ
हमारी मज़बूत होती
अर्थव्यवस्था को
कमज़ोर करने
आओ

हमने आपके हथियार नहीं लिए
इस नुक्सान की भरपायी के लिए
नयी संभावनाओं को तलाशने
आओ
किसानों के पसीने निचोड़ने
गरीब जनता का ख़ून चूसने
आओ वालमार्ट

यूनियन कार्बाइड की याद
धुंधली पड़ चुकी है
तुम नयी यादें देने आओ
हमारे अनाजों को
हमारी मेहनत को
अपनी शर्तों में
छीनने आओ
अपने चालाक पैतरों से
भोली-भाली जनता को
ठगने आओ
आओ वालमार्ट
अपने पैसे की ताकत दिखाओ

Wednesday, 12 December 2012

सब तो यहाँ हैं अजनबी


हाँ प्यार से इकरार है
पर शिर्क से इंकार है

अब दिल में वो जज़्बा नहीं
बस प्यार का बाज़ार है

 मेरा ठिकाना क्या भला
जब बिक चुका घर-बार है

 आँखों में हैं सपने जवाँ
एक बीच में दीवार है

 ये शाम तो अब ढल चुकी
बाकी मगर ख़ुमार है

है काम आती कोशिशें
यूँ हारना बेकार है

 दिल में वफ़ादारी नहीं
क्यों प्यार का इज़हार है

 अब नींद भी आती नहीं
जब जिंदगी बेज़ार है

 वादा किया तुमने नहीं
तेरा मगर इंतज़ार है

 थी प्यार में ताकत बहुत
क्यों प्यार अब लाचार है

 लेता नहीं है सुध कोई
पूरा भरा परिवार है

 चाहो परखना गर हमें
हम तो सदा तैयार हैं

 पल में बदल जाए कथन
कैसा तेरा किरदार है

 सब तो यहाँ हैं अजनबी
किससे कहें के प्यार है

Thursday, 6 December 2012

रेत में जैसे निशां खो गए


रेत में जैसे निशां खो गए
हमसे तुम ऐसे जुदा हो गए

रात आँखें ताकती ही रहीं
मेहमां जाने कहाँ सो गए

सौंप दी थी रहनुमाई जिन्हें
छोड़कर मझधार में खो गए

बोझ लेकर आपके पाप का
कांधे  में अपने उसे ढो गए

मिलने का वादा किया था मगर
हिचकियाँ देकर वो गुम हो गए

कौन आया है सदा के लिए
हम गए जो आज कल वो गए

Monday, 3 December 2012

दिल में खौफ़े खुदा


दिल में खौफ़े खुदा भी लाया जाए
अच्छे बुरे का फर्क जाना जाए

कब्ल इसके उंगली उठाओ सब पर
अपने दिल को भी तो खंगाला जाए

यूँ तो उनकी की है फजीहत सबने
प्यार उनसे कभी जताया जाए

निकले बाहर गरीबों की आवाज़ें
उनको भी तो कभी सुन लिया जाए

पहले इसके बिगड़ जायें हालात
जुल्मों को वक़्त रहते रोका जाए