Thursday, 9 May 2013

सर्द हालात सही बर्फ पिघल जाएगी


रात के साथ मुलाक़ात निकल जाएगी
जिंदगी रेत की मानिंद फिसल जाएगी

आप जो आज मेहरबान हुये है हम पर
चाल हालात सुधरते ही बदल जाएगी

भोली आवाम है, वो चाँद पे क्या जाएगी
झूठे वादों के दिखावे में बहल जाएगी

मखमली ख्वाब है, ये प्यार तुम्हारा मेरा
इन्हीं यादों में मेरी शाम भी ढल जाएगी

मै ख़ुदा ज़ात से मायूस नहीं हूँ तेरी
सर्द हालात सही बर्फ पिघल जाएगी